UPSC Prelims Me Negative Marking Se Kaise Bache | UPSC Negative Marking Strategy 2026

UPSC Prelims Me Negative Marking Se Kaise Bache

 

  संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा केवल knowledge की नहीं, बल्कि संतुलन, संयम और सही निर्णय लेने की परीक्षा होती है। हर वर्ष लाखों aspirants इस परीक्षा में सम्मिलित होते हैं, परंतु उनमें से बहुत कम ही अगले phase तक पहुँच पाते हैं। इसका एक प्रमुख कारण है – Negative Marking

   अनेक अभ्यर्थी पर्याप्त study करने के बावजूद केवल इसलिए असफल हो जाते हैं क्योंकि उन्होंने अधिक प्रश्न हल करने के चक्कर में कई गलत उत्तर दे दिए होते हैं। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में नकारात्मक अंकन से कैसे बचा जाए, कौन-सी strategy अपनानी चाहिए और किन common mistakes से दूर रहना आवश्यक है।

यह लेख UPSC prelims के अभ्यर्थियों से लेकर अनुभवी उम्मीदवारों तक, सभी के लिए उपयोगी है।

UPSC Prelims Negative Marking Kya Hai 

यूपीएससी prelims exam वस्तुनिष्ठ प्रकार (MCQ) की होती है। इसमें प्रत्येक गलत उत्तर पर निर्धारित अंकों की कटौती की जाती है, जिसे नकारात्मक अंकन कहा जाता है।

UPSC Prelims Marking Scheme (Negative Marking)

सामान्य अध्ययन (GS-I)

  • प्रत्येक सही उत्तर पर: +2 अंक

  • प्रत्येक गलत उत्तर पर: –0.66 अंक

सी-सैट (GS-II)

  • प्रत्येक सही उत्तर पर: +2.5 अंक

  • प्रत्येक गलत उत्तर पर: –0.83 अंक

 यदि कोई अभ्यर्थी तीन प्रश्न गलत कर देता है, तो उसके लगभग दो सही उत्तरों के अंक समाप्त हो जाते हैं। यही कारण है कि negative marking को हल्के में लेना बहुत भारी पड़ सकता है।

UPSC Prelims Negative Marking Calculation

मान लीजिए:

  • आपने कुल 80 प्रश्न attempt किए

  • 50 प्रश्न सही

  • 30 प्रश्न गलत

Calculation इस प्रकार होगी

  • सही उत्तरों के अंक = 50 × 2 = 100 अंक

  • गलत उत्तरों की कटौती = 30 × 0.66 = 19.8 अंक

Final Marks = 80.2

    यदि यही aspirants केवल 10 गलत उत्तर कम कर देता, तो संभव है कि उसका अंक सीधे cut-off से ऊपर चला जाता। इसलिए minus marking calculation समझना बहुत जरूरी है।

UPSC Prelims Me Negative Marking Kyun Hoti Hai

Negative Marking के पीछे कुछ common reasons होते हैं:

  1. अधिक प्रश्न हल करने की प्रवृत्ति (over-attempting)
    “100 में से 95 प्रश्न तो करने ही हैं” जैसी मानसिकता।

  2.  तुक्के के आधार पर उत्तर देना (Guesswork)
    बिना किसी तर्क या विकल्प हटाए केवल अनुमान लगाना।

  3. अति-आत्मविश्वास (over-confidence)
    “यह तो पढ़ा था, शायद सही हो” जैसी सोच।

  4. परीक्षा कक्ष का दबाव (Pressure Testing)
    समय की कमी में जल्दबाज़ी से लिया गया निर्णय।

ये सभी कारण मिलकर उत्तरों की accuracy को प्रभावित करते हैं और marks कट जाते हैं।

UPSC Prelims Me Negative Marking Se Kaise Bache (Golden Rule)

“प्रयासों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण है प्रश्न सही होना”(Accuracy is more important than attempts)।

यूपीएससी प्रलिम्स परीक्षा में:

  • 90 प्रश्न हल करना, पर अधिक गलतियाँ करना = असफलता

  • 80 प्रश्न हल करना, पर अधिक सही होना = सफलता

इसलिए यह हमेशा याद रखें कि कम प्रश्न हल करें, लेकिन सही हल करें

UPSC Prelims Smart Attempt Strategy

Negative Marking से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है – प्रश्नों का सही categorization

प्रश्नों को चार category में बाँटें

Category 1: 100% Sure

  • विषय या तथ्य पूर्ण रूप से स्पष्ट
    ऐसे प्रश्न अवश्य हल करें।

Category 2: दो विकल्प हटाए जा सकते हैं

  • चार में से दो विकल्प स्पष्ट रूप से गलत
    ऐसे प्रश्न हल करना अपेक्षाकृत सुरक्षित होता है।

Category 3: केवल एक विकल्प हटता है

  • जोखिम अधिक तभी हल करें जब प्रश्नपत्र कठिन प्रतीत हो।

Category 4: No idea वाले प्रश्न

  • कोई स्पष्टता नहीं ऐसे प्रश्न बिल्कुल न हल करें।

इसी तरीके को smart attempt strategy कहा जाता है।

Elimination Technique: Negative Marking घटाने का तरीका

यूपीएससी प्रश्नों से अधिक options में उलझन पैदा करता है। इसलिए विकल्प उन्मूलन (Elimination Technique) अत्यंत प्रभावी है।

Common Elimination Tricks:

  • अत्यधिक शब्द – “सदैव”, “केवल”, “कभी नहीं”

  • गलत युग्म – देश-संस्था का गलत मेल

  • कालक्रम संबंधी भ्रम – वर्ष या क्रम स्पष्ट न हो

  • समान विकल्प – दो विकल्प बहुत अधिक समान हों

यदि आप दो विकल्प हटा पा रहे हैं, तो नकारात्मक अंकन का जोखिम काफी कम हो जाता है।

Intelligent Guessing vs Andha Tukka

  • अंधा अनुमान – बिना तर्क, बिना उन्मूलन

  • Intelligent Guessing – तर्क और अवधारणा पर आधारित

यदि:

  • दो विकल्प हट रहे हों → intelligent guess संभव

  • कोई विकल्प न हटे → प्रश्न छोड़ना बेहतर

UPSC Prelims Me Safe Attempt Range 

Question paper की difficulty पर यह निर्भर करता है:

प्रश्नपत्र का स्तर  

सुरक्षित प्रयास

 

सरल  

 

85–90

 

मध्यम 80–85
कठिन 75–80

पिछले वर्षों के चयनित अभ्यर्थियों का विश्लेषण बताता है कि accuracy ही deciding होती है

Subject-Wise Negative Marking Se Bachne Ke Tips

राजव्यवस्था (Polity)

  • अति-आत्मविश्वास से बचें

  • कथन आधारित प्रश्नों में विशेष सावधानी

इतिहास (History)

  • अनुमान का जोखिम अधिक

  • तथ्य स्पष्ट न हों तो छोड़ना बेहतर

भूगोल व पर्यावरण (Geography or Environment)

  • अवधारणात्मक समझ से विकल्प हटाए जा सकते हैं

अर्थव्यवस्था (Economy)

  • अधूरा ज्ञान अधिक हानि करता है

Mock Tests Se Negative Marking Kaise Control Kare

मॉक टेस्ट केवल marks जानने के लिए नहीं होते। हर mock test के बाद स्वयं से पूछें:

  • कितने प्रश्न guessing से गलत हुए?

  • किस विषय में negative marks अधिक आए?

  • किस category के प्रश्नों में गलती हुई?

Continuous analysis  से शुद्धता में सुधार होता है।

Exam Hall Strategy: Last 10 Minutes Rule

  • नए ques न जोड़ें

  • Doubtful answer न बदलें

  • केवल OMR Sheet की जाँच करें

Last moment की जल्दबाज़ी अक्सर अतिरिक्त नकारात्मक अंकन का कारण बनती है।

UPSC Prelims Negative Marking Se Judi Common Mistakes

  • जरूरत से अधिक प्रश्न हल करना

  • “शायद सही हो” की मानसिकता

  • दूसरों के प्रयास देखकर दबाव में आना

  • C-sat को हल्के में लेना

UPSC Cut-Off Aur Negative Marking Ka Relation

  यूपीएससी prelims exam की cut-off सामान्यतः सीमित अंतर से तय होती है। ऐसे में केवल 5–6 गलत प्रश्न भी आपको चयन से बाहर कर सकते हैं। इसलिए negative marking का प्रभाव अत्यंत निर्णायक होता है।

निष्कर्ष

यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफलता का मूल मंत्र है:

जो निश्चित रूप से जानते हैं, वही लिखें; जो नहीं जानते, उसे छोड़ दें।

नकारात्मक अंकन से बचना कोई अलग प्रतिभा नहीं, बल्कि संयम, अनुशासन और सही रणनीति का परिणाम है। यदि आप विवेकपूर्ण प्रयास, विकल्प उन्मूलन और मॉक विश्लेषण को गंभीरता से अपनाते हैं, तो प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करना पूर्णतः संभव है।अंत में याद रखें- गलती सभी करते हैं, चयन वही पाता है जो अपनी गलतियाँ कम कर देता है।

This article is based on internet research, contents may not be 100% accurate, also do your own research before taking any decision or deciding anything.

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